पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती, सुशासन दिवस पर हुई सार्थक चर्चा

नई दिल्ली। मीडिया एसोसिएशन फॉर सोशल सर्विस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार मनोज वर्मा ने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती के मौके पर कांस्टीटयूशन क्लब आफ इंडिया में आयोजित एक गोष्ठी में कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी संवाद समावेशी विकास और मजबूत लेकिन मानवीय शासन में गहराई से विश्वास रखते थे। अटल जी ने गरिमा और शालीनता के साथ सार्वजनिक विमर्श को ऊंचा उठाया और यह प्रदर्शित किया कि राजनीति सिद्धांत पूर्ण और करुणामय हो सकती है। यही कारण है कि पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी जी का जन्मदिन सुशासन शासन दिवस के रूप में मनाया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने सुशासन को नई दिशा देने का काम कर रही है। श्री मनोज वर्मा ने कहा कि हर साल 25 दिसंबर को दिन सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती मनाई जाती है। इस वर्ष यह दिवस विशेष महत्व रखता है क्योंकि देश पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पारदर्शिता दक्षता और जन केंद्रित शासन की विरासत को याद करते हुए उनकी 100वीं जयंती मना रहा है। 23 दिसंबर 2014 को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने वाजपेयी को भारत का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया था। इसके उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने घोषणा की कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती को प्रतिवर्ष सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाएगा। असल में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भारत ने विशेषकर शासन और बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व बदलाव देखे। बात चाहे दूरसंचार सुधार की हो या सड़का के विकास की। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा की बात हो या बात तीन नए राज्यों छत्तीसगढ़ उत्तराखंड और झारखंड की निर्माण की या बात 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षण के फैसले की हो। वाजपेयी सरकार ने सुशासन की दृष्टि से किए अहम फैसले लिए।

पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री नागमणि कहा कि विकसित भारत 2047 के विजन अनुरूप और तरक्की की राह पर तेजी से आगे बढ़ता देखकर पूरी दुनिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए विजन को एक नई उम्मीद और आशा के साथ देख रही है। विज्ञान के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां नए नए आविष्कारों से दुनियाभर के देश प्रभावित हैं। आज देश की युवा पीढ़ी में नया करने का जुनून स्पष्ट नजर आ रहा है।पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने सुशासन की जिस विचार शुरू किया था मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसी विचार को काम को आगे बढा रहे हैं। इस अवसर पर अरविंद नाथ झा ने कहा कि आज हम भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री युगद्रष्टा नेता श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के अवसर पर उन्हें सादर नमन करने हेतु एकत्र हुए हैं। यह दिवस केवल स्मरण का नहीं बल्कि विकसित भारत संकल्प के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर भी है। अटल बिहारी वाजपेयी जी का व्यक्तित्व विचार वाणी और विवेक का अद्भुत संगम था। उन्होंने लोकतांत्रिक मर्यादाओं के साथ सशक्त और आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला रखी। अटल जी के शब्द आज भी हमें मार्गदर्शन देते हैं हार नहीं मानूंगा रार नहीं ठानूंगा काल के कपाल पर लिखता मिटाता हूँ। श्री झा ने कहा पोखरण परमाणु परीक्षण के माध्यम से उन्होंने भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को सुदृढ़ किया। झा ने कहा कि स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और सर्व शिक्षा अभियान जैसे कार्यक्रमों ने देश के समावेशी विकास को नई गति दी। ये सभी प्रयास आज के विकसित भारत की मजबूत नींव हैं। यदि हम अन्य प्रधानमंत्रियों के योगदान पर दृष्टि डालें तो पंडित जवाहरलाल नेहरू जी ने आधुनिक संस्थानों का निर्माण किया इंदिरा गांधी जी ने निर्णायक नेतृत्व प्रदान किया। राजीव गांधी जी ने सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार में भारत को आगे बढ़ाया जबकि अटल बिहारी वाजपेयी जी ने विकास सुशासन और राष्ट्रीय सहमति को एक सूत्र में पिरोया। उन्होंने कहा कि आज हमारे वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में विकसित भारत की सोच को नई गति मिली है। यह सोच नवाचार मजबूत बुनियादी ढांचे डिजिटल सशक्तिकरण और मेक इन इंडिया तथा डिजिटल इंडिया जैसे अभियानों के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत पर केंद्रित है। यह दृष्टि अटल जी द्वारा रखी गई मजबूत नींव से गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने अटल जी की कुछ पंक्तियां को याद करते हुए सुनाया। स्वप्न देखा था अटल ने सशक्त समृद्ध भारत का जहाँ विकास के पथ पर हर हाथ हो सहभागी हर मन हो प्रतिबद्ध।

समाजसेवी एवं पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े विशिष्ट अतिथियों को अटल अवार्ड 2025 से सम्मानित किया गया

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री नागमणि, विशिष्ट अतिथि श्री कुलदीप सिंह अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक हिल इंडिया लिमिटेड, श्री अरविंद नाथ झा पूर्व निदेशक पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, श्री रामकुमार उपसचिव कोयला मंत्रालय, श्री विनोद कुमार सिन्हा पूर्व महाप्रबंधक बीएसएनल श्री मनोज वर्मा वरिष्ठ पत्रकार ने संबोधित किया। संस्था के अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने आए हुए अतिथियों का स्वागत किया और अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज पूर्व प्रधानमंत्री जी का जन्म शताब्दी है आज के दिन हम सभी लोग आदरणीय स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के 100वां जन्मदिन पर एकत्रित हुए हैं कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विकसित भारत 2047 कैसे होगा और वर्तमान सरकार जिस तरीके से काम कर रहे हैं आने वाले समय में उसके अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे।कार्यक्रम में समाजसेवी एवं पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े विशिष्ट अतिथियों को अटल अवार्ड 2025 से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में संस्था के अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने आए हुए अतिथियों का आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम को सहयोग देने वाली कंपनियां एनएचपीसीए बीसीसीएल एवं एसजेवीएनएल का भी आभार व्यक्त किया उन्होंने इस कार्यक्रम में प्रायोजक के रूप में अपना सहयोग दिया संस्था अपेक्षा करती है कि भविष्य में भी इसी प्रकार इन कंपनियों से संस्था को सहयोग मिलता रहे।

अटल विचार अटल संकल्प
आत्मनिर्भरता का पथ प्रशस्त
विकसित भारत की राह में
उनका मार्गदर्शन आज भी सशक्त।

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